साउथ अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का निधन – Nelson mandela South Africas First Black President Dies

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दोस्तों और मेरे आदरणीय पाठकों, साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और नस्लभेद-विरोधी आंदोलन के आइकन Nelson Mandela का 95 साल की उम्र में 05th December 2013 को निधन हो गया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति Jacob Zuma ने देश के National Television Channel पर एक बयान में कहा – ‘ राष्ट्र ने अपने सबसे महान बेटे को खो दिया है। South Africa के साथियो, Nelson Mandela ने हमें एकजुट किया और हम सब साथ मिलकर उन्हें विदाई देंगे।’ मंडेला की पहचान दुनिया के बेहतरीन नेताओं में थी। उन्होंने South Africa में नस्लभेदी सरकार की जगह एक लोकतांत्रिक बहुनस्ली सरकार बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। इस संघर्ष के दौरान वह 27 साल तक जेल में रहे।

नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई वर्ष 1918 को दक्षिण अफ्रिका के Transkeian Territories के कस्बे Umtatu में हुआ था| उनके पिता Thembu कबीले के सरदार थे| जब नेल्सन 12 वर्ष की आयु के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गयी थी| उनकी शुरूआती पढ़ाई Methodist School में हुई| यहाँ से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने University of Fort Hare में प्रवेश लिया| इसके बाद Johannesburg चले गए और वहां से B.A. की परीक्षा पास की|

उन दिनों दक्षिण अफ्रिका गोरों की चपेट में था| गोरे दक्षिण अफ्रिका के लोगों पर बहुत अत्याचार करते थे| नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रिका को गोरों के अत्याचार से मुक्त करना चाहते थे| गोरों की रंगभेद निति को खत्म करने के लिए उन्होंने अपनी पूरी जवानी बिता दी| गोरों के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण वह 27 years तक जेल में भी रहे|

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दक्षिण अफ्रिका और भारत के सम्बन्ध बहुत पुराने हैं| एक बार जब गांधी जी किसी मुकदमे की पैरवी के लिए दक्षिण अफ्रिका गए थे| तब गोरी सरकार ने उनके साथ बहुत दुर्व्यवहार किया| इससे गांधीजी को बहुत दुःख हुआ और उन्होंने अहिंसा के माध्यम से गोरों की रंगभेद निति का विरोध किया| जब भारत ब्रिटिश सरकार के चंगुल से आजाद हो गया था तब भारत ने बड़े हो जोर शोर से दक्षिण अफ्रिका की आजादी के लिए आवाज उठाई और दक्षिण अफ्रिका को गोरों से मुक्त कराने के लिए Nelson Mandela का पूरा साथ दिया| आखिरकार Nelson Mandela का संघर्ष रंग लाया और उन्होंने दक्षिण अफ्रिका को गोरों के चंगुल से आजाद करा लिया|

1990 में Nelson Mandela भारत आये और उन्होंने दोनों देशों के बीच सम्बन्धों का जिक्र करते हुए भारत को दक्षिण अफ्रिका की आजादी में साथ निभाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया| 10 मई सनं 1994 में Nelson Mandela जी को दक्षिण अफ्रिका का राष्टपति बनाया गया| 19 अक्तूबर वर्ष 1990 को भारत सरकार ने उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया| इससे पहले उन्हें 1979 में जवाहर ‘लाल नेहरु अंतर राष्टीय सदभावना पुरूस्कार’ से भी नवाजा गया था|

अपनी कहानी टीम की तरफ से Nelson Mandela जी को भावभीनी श्रद्धांजली।

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