शिवजी और श्रीकृष्ण जी का दूध से अभिषेक – Milk Worship of Shiv Ji & Krishna Ji Hindi

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दोस्तों, शिवजी का कच्चे दूध से अभिषेक
होता है। यह दुग्ध की प्रथम अवस्था है। वहीं श्रीकृष्ण को माखन चढ़ाया जाता
है। यह दुग्ध की अंतिम अवस्था है। एक ही वस्तु के इन दो रूपों के पीछे एक
गूढ़ रहस्य छुपा है।

कच्चा दूध निर्मल होता है। ठीक उसी तरह से जैसे
संसार में आया कोई बच्चा जो छल-कपट से दूर होता है। भगवान शिव कच्चे दूध
को स्वीकार करते हैं। इसका मतलब है जो मनुष्य संसार के दुर्गुणों से दूर
रहकर अपने कर्मपथ पर चलता है, भगवान शिव ऐसे मनुष्य से सदैव प्रसन्न रहते
हैं।

दूसरी ओर श्रीकृष्ण माखन स्वीकार करते हैं। माखन यानी दुग्ध की
अंतिम अवस्था। यह एक लंबी प्रक्रिया के बाद सामने आता है जिसका मतलब है
दुग्ध का सार। दूसरे शब्दों में कहें तो जीवन का सार। मनुष्य का जीवन
निर्मलता से शुरू होता है। वह जीवन के बीच में चाहे जितने बंधन और आडंबर का
आवरण बना ले, एक दिन उसे ये सब छोडऩे ही पड़ते हैं।

विशेष निवेदन :- दोस्तो Post कैसी लगी हमें जरूर बताये, अगर पसंद आए तो हमेशा ऐसे ही पोस्ट के लिए हमारे ब्लॉग पर आए।
 
धन्यवाद,
आपका सादर आभार
Apni Kahaani Team

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