The Telegraph और ABP News के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अनुपम खेर का भाषण – Anupam Kher Speech in Kolkata in ABP News & The Telegraph Programme

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दोस्तों, अनुपम खेर ने कोलकाता में आयोजित ‘The Telegraph National Debate’ में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस गांगुली और कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला को को भरी महफ़िल में जमकर फटकार लगा दी। उन्होंने जस्टिस गांगुली से कहा की यह बड़ा शर्म का विषय है की आप सुप्रीम कोर्ट के जज होने के बावजूद भी JNU मामले का समर्थन कर रहे हो। क्या आप अफजल गुरु को फांसी की सजा सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के जजों को उनकी हत्या का जिम्मेदार मानते हो। अनुपम खेर ने जस्टिस गांगुली को JNU का समर्थन करने पर फटकार लगाते हुए कहा कि मै सोचकर आया था कि मै इस कार्यक्रम को व्यक्तिगत तौर पर नहीं लूँगा, बीजेपी या एंटी बीजेपी नहीं बनने दूंगा, ये नहीं बोलूँगा, वो नहीं बोलूँगा लेकिन जस्टिस गांगुली की बात सुनकर मै स्तब्ध रह गया, मुझे इनकी बात सुनने के बाद काफी दुःख भी हुआ और इनके ऊपर शर्म भी आई।

उन्होंने जस्टिस गांगुली को कहा कि ‘आप एक जज होने के बावजूद भी अफजल गुरु मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को गलत बता रहे हो, मुझे आप पर शर्म आती है। आपकी बातों से मुझे बहुत दुःख हुआ है। आज आप कह रहे हो कि JNU में जो हुआ वह सही था। वेरी सॉरी सर, मै आपसे एक प्रश्न पूछता हूँ, हम सब कुछ भूलकर एक ऐसे युवक को हीरो बना रहे हैं जो 9 फरवरी की रात में आयोजित देशविरोधी कार्यक्रम में शामिल था। उस दिन नारे क्या लगाए गए थे, भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी, अफजल हम शर्मिंदा है तेरे कातिल जिन्दा हैं। कौन थे उसके कातिल, क्या सुप्रीम कोर्ट के जज उसके कातिल थे?

उन्होंने आगे कहा ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्ला इंशा अल्ला’ ये नारे लगे थे उस दिन। आप इसकी निंदा करने का बजाय यह कह रहे हो कि सुप्रीम कोर्ट गलत था। आप कह रहे हो कि अफजल गुरु के लिए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय गलत था। आपकी बात पूरी तरह से गलत है जज साहब। 

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सहिष्णुता हमारे श्रोता दिखा रहे हैं, हमारी बातें सुन रहे हैं और हमें हूट नहीं कर रहे हैं। जस्टिस गांगुली आपको भी सुन रहे हैं, इसे कहते हैं Tolerance. मैंने आपको टेलीविज़न पर देखा है, जब मीडिया के कैमरे आपके सामने आते हैं तो आप ने उन्हें गुस्से हटा दिया था, वह आपकी असहिष्णुता थी।

उसके बाद उन्होंने कांग्रेस नेता सुरजेवाला को एड्रेस करते हुए कहा कि आप असहिष्णुता की बात करते है, और खुद को सहिष्णु मानते हो, मेरी भी नजर में कांग्रेस सबसे सहिष्णु और सहनशील पार्टी है क्यूंकि –
आप लोग एक नेता को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट करके सबसे बड़ी सहनशीलता का परिचय दे रहे हो।
अनुपम खेर के इतना कहते ही जज की कुर्सी पर बैठी मशहूर अभिनेत्री Kajol भी ठहाके लगाकर हंसने लगीं, उनकी बगल में बैठे सुहेल सेठ भी जोर जोर से हंसने लगे।

उसके बाद अनुपम खेर ने कहा कि ‘आप लोग एक दूसरे से यह भी नही कह सकते कि हम लोग गलत हैं, हम बहुत guilty feel कर रहे हैं कि ये हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। तुम लोग तो यह भी नहीं कह सकते कि ‘इन्हें प्रधानमंत्री के candidate के रूप में सहकर हम लोग कहाँ फंस गए भाई, आपकी यह सबसे बड़ी सहिष्णुता है। आप यही सहिष्णुता संसद में भी दिखाइये। आप संसद चलने दीजिये सर। अगर आप उस व्यक्ति को सह सकते हो तो आप लोग इस दुनिया में हर चीज को सह सकते हो। 

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उन्होंने दर्शकों की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि क्या आपने आठ महीने पहले असहिष्णुता शब्द के बारे में सुना था? नहीं सुना था, क्यूंकि यह शब्द बनाया गया है क्यूंकि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को जिस प्रकार से भारी शिकस्त हुई थी उसी का बदला लिया जा रहा है। एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन गया, उसकी 282 सीटें आई हैं। ये सोच रहे हैं कि ये चाय वाला प्रधानमंत्री कैसे बन गया, हम तो गुलाम हैं। हमें तो गुलामी की आदत है, अंग्रेजों से मुगलों से और अब बाहर के कुछ लोगों से, हमें गुलामी की आदत है। ये कैसे बन गया प्राइम मिनिस्टर भाई।

अनुपम खेर ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले पौने दो साल से छुट्टी नहीं ली है। मै उनकी वकालत नहीं कर रहा हूँ, मै इस देश का एक नागरिक होने के नाते बोल रहा हूँ। कुछ लोग कहते हैं कि आप मोदी की इसलिए तारीफ करते हो क्यूंकि आपकी पत्नी बीजेपी में हैं। मै यह बता देना चाहता हूँ की मैंने किरण खेर से 30 साल पहले शादी की थी और उनकी सहानुभूति जीतने के लिए मुझे बीजेपी की तारीफ करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस से कहा ‘आपसे बर्दाश्त नहीं होता कि हमारा प्रधानमंत्री विदेश में जा रहा है, आपने 10 साल एक ऐसे प्रधानमंत्री को बर्दास्त किया जो चुप रहा, और हमारा आज का प्रधानमंत्री विदेशों में जब बोलता है तो लोग कहते हैं की आपका प्रधानमंत्री तो बहुत dynamic है। आज मोदी ‘एक भारत’ की बात करते हैं। उन्होंने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली है। उनकी दिवाली कश्मीर में बीतती है यही आपसे बर्दास्त नहीं होता है।
आप देख रहे हैं की पिछले दो साल से भ्रष्टाचार की बात नहीं हो रही है जबकि इससे पहले 10 साल सिर्फ
भ्रष्टाचार की ही बात हुई थी, 2G, 3G, AG, OG आदि। ऐसे लोगों को कुछ नहीं मिला तो असहिष्णुता शब्द ढूँढा और कहने लगे कि देश में असहिष्णुता बढ़ गयी है, फैलाओ इसको, फैलाओ इसको। अब हर जगह असहिष्णुता की ही बात हो रही है। आज आप एक गरीब से असहिष्णुता के बार में पूछो तो उसे पता ही नहीं होता कि असहिष्णुता क्या है, वो कहता है कि हमें दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने की फुर्सत ही नहीं है हम क्या जानें असहिष्णुता क्या है। 

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क्या आप जानते हैं कि असहिष्णुता की बात कौन करता है? Intellectuals, अमीर, जो गाड़ियों में घूमते है, जिसके साथ 20-20 bodyguards चलते हैं, जो बड़े बड़े होटलों में जाते हैं, ऐसे ही लोग Intolerance या असहिष्णुता की बात करते हैं। ऐसे लोग जिन्होंने मोदी को अमेरिका से Visa देने का विरोध किया था, मोदी के प्रधानमंत्री बनने का विरोध किया था, उन्हें आज असहिष्णुता दिखाई दे रही है। उनका मकसद कामयाब नहीं हुआ क्यूंकि मोदी प्रधानमंत्री बन गए। आज अमेरिका ने मोदी को Visa भी दे दिया, ओबामा ने मोदी को गले से लगा लिया, उसपर भी इन्हें तकलीफ हो रही है। अब वे क्या करते, उन्होंने असहिष्णुता असहिष्णुता चिल्लाना शुरू कर दिया।

उन्होंने मोदी के सबसे लेटेस्ट भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि ‘मोदी जी ने अभी अभी कहा है, पार्टी आती जाती रहेंगी, सरकारें बनती बिगडती रहेंगी लेकिन देश बहुत महत्वपूर्ण है, वे देश की बात करते हैं, वे आपके भी प्राइम मिनिस्टर हैं, वे आपसे भीख मांगने नहीं आये थे कि मुझे प्रधानमंत्री बना दो।

उन्होंने कहा कि जब मैंने हिंदुस्तान के लिए मार्च निकाला था तो कुछ लोगों ने कहा कि ये तो मोदी का चमचा है। मुझे पद्म भूषण मिलता है तो लोग कहते हैं कि ये मोदी का चमचा है। मेरे बारे में बड़े बड़े लेख लिखे जा रहे हैं। मुझे नहीं पता था कि मै इतना महत्वपूर्ण व्यक्ति हूँ।

उन्होंने आगे कहा कि ‘आप Aunty National (The Telegraph News Paper ने स्मृति ईरानी जी को अपने अखबार के मुख्य पृष्ठ पर आंटी नेशनल कह कर मजाक उड़ाया था) की बात करते हो, और एक 46 साल के व्यक्ति को Youth Icon बता रहे हो। उन्होंने कहा की जिस दिन राहुल गाँधी साहब नरेन्द्र मोदी का 10वां हिस्सा भी हो जाएंगे मेरा वोट उनको जाएगा, आप लोग पांच साल देश के लिए काम तो करने दीजिये। अगर मोदी काम ना कर पायें तो उन्हें पांच साल बाद बाहर कर दीजिये। पांच साल बाद कहिये कि हमें ऐसी असहिष्णु सरकार नहीं चाहिए। 

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उन्होंने कहा कि आप लोगों ने उन्हें काम ना करने देने का बीड़ा उठा रखा है, आपके एक सांसद दिग्विजय सिंह ने एक दूसरी महिला सांसद को कहा था कि ‘क्या टंच माल है’, इससे ज्यादा घटिया बात क्या हो सकती है, मै वो लिस्ट बनाकर नहीं आया हूँ कि आपके लोगों ने क्या क्या कहा है। ऐसे लोगों को जू.. ला.. ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय.. (अनुपम खेर साहब अपने गुस्से को ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय जप कर शांत कर रहे थे) उन्हें अन्दर कर देना चाहिए जिन्होंने इस तरह की बदतमीजी की है।
उन्होंने कांग्रेस नेता सुरजेवाला को एड्रेस करते हुए कहा ‘आप एक लिस्ट दिखा रहे हो कि बीजेपी के प्रवक्ताओं ने क्या कहा था, आप भूल गए कि 1974 में इंदिरा गाँधी के द्वारा आपातकाल घोषित किया गया था, वो आपकी नेता थीं, वो घटना देश की अब तक की सबसे असहिष्णु घटना थी। उस समय जो भी इंदिरा गाँधी के खिलाफ बोलते थे उन्हें जेल में डाल दिया जाता था। उस समय जिन्होंने भी उनके निर्णय के खिलाफ बोला चाहे वो जर्नलिस्ट हों, उन्हें जेल में डाल दिया गया था, मेरे दादा जी को भी।

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धन्यवाद,
आपका सादर आभार
Apni Kahaani Team

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