मौत से कैसा भय प्रेरक कहानी – Why Fear to Death Hindi Story

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Fear to Death Hindi Story

दोस्तों, एक मछुआरा समुद्र के तट पर बैठकर मछलियां पकड़ता और अपनी जीविका अर्जित करता…!! एक दिन उसके एक मित्र ने पूछा, “मित्र, तुम्हारे पिता हैं ?”

मछुआरा बोला “नहीं, उन्हें समुद्र की एक बड़ी मछली निगल गई…!” मित्र ने पूछा, “और, तुम्हारा कोई भाई ?”
 
मछुआरे ने उत्तर दिया, “नौका डूब जाने के कारण वह समुद्र की गोद में समा गया…!!”
मित्र ने दादाजी और चाचाजी के सम्बन्ध में पूछा तो उन्हे भी समुद्र लील गया था…!

मित्र ने कहा- “मित्र ! यह समुद्र तुम्हारे परिवार के विनाश का कारण है, इस बात को जानते हुए तुम यहां बराबर आते हो ! क्या तुम्हें मरने का डर नहीं है ?”
 
मछुआरा बोला, “भाई, मौत का डर किसी को हो या न हो, पर वह तो आयगी ही । तुम्हारे घरवालों में से शायद इस समुद्र तक कोई नहीं आया होगा, फिर भी वे सब इस संसार से कैसे चले गये ?
“मौत कब आती है और कैसे आती है, यह आज तक कोई भी नहीं समझ पाया,, फिर मैं बेकार क्यों डरुं ?”
 
पहले मित्र के कानों में भगवान् महावीर की वाणी गूंजने लगी “”नाणागमो मच्चुमुहस्स अत्थि””
अर्थात – मृत्यु का आगमन किसी भी द्वार से हो सकता है..!
 
वज्र-निर्मित मकान में रहकर भी व्यक्ति मौत की जद से नहीं बच सकता, वह तो अवश्यंभावी है…!
इसलिए प्रतिक्षण सजग रहने वाला व्यक्ति ही मौत के भय से ऊपर उठ सकता है …!!
भयभीत होना है तो उन कर्मों से डरो जो मृत्यु के आगमन से पूर्व ही व्यक्ति को मृत्यु की भयभीत शैय्या में डाल देते हैं …!!
 
जय श्री कृष्णा…! ¤हरि: ॐ¤ जय महाकाल.!!!

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One Response

  1. January 27, 2016

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