गुरुत्वाकर्षण क्या है? – What is Gravity

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What is Gravity in Hindi

गुरुत्वाकर्षण या Gravity, दोस्तों ज्यादातर हम सभी के लिए गुरुत्वाकर्षण का मतलब हैं “किसी भी चीज़ का गिरना”, लेकिन यह उससे भी कही ज्यादा जटिल है। ब्रह्माण्ड में यह ज्यादातर जगह पर मौजूद होता हैं लेकिन हम इसे देख नहीं पाते हैं, केवल महसूस कर पाते हैं। हमारा ब्रह्माण्ड आज जैसा भी है गुरुत्वाकर्षण की वजह से ही है। लेकिन यह है क्या? चलिए जानते हैं : गुरुत्वाकर्षण क्या है – What is Gravity in Hindi.
गुरुत्वाकर्षण ब्रह्माण्ड में मौजूद चार मौलिक बलों (Original Forces) में से एक बल है। यह space में मौजूद मास(Mass) वाली सभी चीजों के बीच एक लंबी दूरी का आकर्षण बल है। इसकी वजह से ही चीजों को वजन प्राप्त होता है। पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण निरंतर प्रति सेकंड 9.8 वर्ग मीटर (9.8 m/s2) जितना होता है। यह हमें पृथ्वी के बाहर गिरने से बचाता है और पृथ्वी को अपनी सूर्य की आसपास की कक्षा में बनाए रखता है। गुरुत्वाकर्षण की वजह से ही साढ़े चार अरब साल पहले हमारी पृथ्वी और हमारे सूरज की उत्पति हुई थी।
 
यह बड़ी आश्चर्यजनक बात है की ब्रह्माण्ड में हर भारी वस्तु दूसरी चीजों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसका मतलब आपका घर, हमारी पृथ्वी, 25 लाख प्रकाश वर्ष दूर एंड्रोमेडा आकाशगंगा में स्थित ब्लैकहोल, यह सभी आपसे गुरुत्वीय बल से आकर्षित हैं, और आप उनसे।
 
17 वीं सदी में, Isac Newton ने पता लगाया कि दो वस्तुओं के बीच की दूरी के वर्ग जितने अंतर पर गुरुत्वाकर्षण बल की ताकत घटती है, तो अगर आप किसी भी चीज़ से दोगुना अंतर पर होंगे तब गुरुत्वाकर्षण एक चौथाई जितना ही मजबूत होगा। उन्होंने यह भी पता लगाया की गुरुत्वाकर्षण की शक्ति वस्तु के द्रव्यमान के अनुपात में होती है। मतलब की पदार्थ जितना बड़ा होगा उसका गुरुत्वाकर्षण बल उतना ही मजबूत होगा।
 
हम सब पृथ्वी का खिंचाव महसूस कर सकते हैं लेकिन चन्द्रमा के खिंचाव को महसूस नहीं कर पाते हैं, क्योंकि चाँद छोटा हैं और हम से बहुत ही दूर है। लेकिन उसका गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी पर समंदर में ज्वार पैदा करने के लिए सक्षम है। जैसे की मैंने पहले कहा गुरुत्वाकर्षण मास(Mass) वाली सभी चीजों के बीच एक लंबी दूरी का आकर्षण बल है – मैंने शायद गलत कहा था:) मेरा मतलब था उर्जा वाली चीजें। क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बड़ी और mass युक्त वस्तुओं के अलावा प्रकाश और अन्य बिना mass वाले (लेकिन ऊर्जावान) कणों को भी आकर्षित करता है। प्रकाश के फोटोन (Photon) जब सूरज के करीब से गुजरते हैं तब थोड़े मुड़ जाते हैं और जब किसी ब्लैकहोल के करीब से गुजरते हैं तब उसमे पूरी तरह से फ़स जाते हैं।
 
हम जानते हैं की हम गुरुत्वाकर्षण को देख नहीं सकते लेकिन उसे महसूस कर सकते हैं, तो यह आखिर चीज़ क्या हैं। यह किस चीज़ से बना है? वैज्ञानिको का मानना है की गुरुत्वाकर्षण बल ग्रेवीटोन (Graviton) नाम के क्वांटम कणों से बना है। ब्रह्माण्ड में जहा कहीं भी गुरुत्वाकर्षण बल हैं वहाँ पर ग्रेवीटोन भी मौजूद है। 

चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी पर मौजूद गुरुत्वाकर्षण बल से 16 प्रतिशत जितना है, और मंगल ग्रह का पृथ्वी से 38 प्रतिशत जितना है, जबकि सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह गुरु का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से 2.5 गुना हैं।

साभार – एक नियमित पाठक

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