एयरलिफ्ट की कहानी – Story of Airlift

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Story of Airlift

दोस्तों, आशा करता हैं की ‪Airlift‬ Movie हमेशा की तरह बॉलीवुड की घटिया लव स्टोरी ना हो, क्यूंकि  बॉलीवुड वालों की हमेशा से आदत है ‪गुड‬ में ‪गोबर‬ मिलाने की 🙂

खैर, फिल्म से पहले जानिए:

कुवैत में फंसे डेढ़ लाख भारतीय कैसे हुए थे ‘एयरलिफ्ट’

25 साल पहले कुवैत पर इराक का हमला एक बार फिर चर्चा में है। युद्ध के दौरान हुए अब तक के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन पर अक्षय कुमार की फिल्म एयरलिफ्ट आ रही है। फिल्म की कहानी तो अभी तक लोगों के सामने नहीं आ पाई, लेकिन उस समय भारतीय दूतावास के सेकंड सचिव रहे जोधपुर निवासी सुरेश मल माथुर बता रहे हैं कैसे थे तब के हालात।

कुवैत में फंसे डेढ़ लाख भारतीयों की अटकी थी जान

माथुर का कहना है कि दो अगस्त 1990 को इराक ने कुवैत पर हमला बोला। बिजली, परिवहन, टेलीफोन व टीवी सेवा बंद हो गई। बाहर से संपर्क का एकमात्र माध्यम रेडियो बचा। लोगों में दहशत का माहौल था। भारतीय लोगों ने उनसे संपर्क साधना शुरू कर दिया कि कैसे भी हो, उन्हें जल्दी भारत भेजा जाए। हालांकि, इराकी अधिकारियों का रवैया भारतीयों के प्रति नरम था, लेकिन राह नहीं निकल रही थी।

जीप की छत पर खड़े होकर भाषण दिया था भारतीय विदेश मंत्री ने

असमंजस के हालात के बीच रोज हजारों लोग हमारे दूतावास के चक्कर लगा रहे थे। इस दौरान 14 अगस्त को हमारे विदेश मंत्री आईके गुजराल वहां पहुंचे। उन्होंने इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से मुलाकात कर वापसी की भूमिका तैयार की। उनके पहुंचने का पता चलते ही पंद्रह से बीस हजार लोग दूतावास के अंदर और बाहर एकत्र हो गए। लोगों में भारी गुस्सा था। लेकिन तीन मिनट में गुजराल ने पूरा माहौल बदल दिया। मंच के अभाव में एक जीप के बोनट पर खड़े होकर गुजराल ने कहा कि सभी को वापस ले जाने की जिम्मेदारी भारत सरकार की है। वापसी के लिए हवाई जहाज की व्यवस्था की जा रही है। इस पर लोग चिल्ला पड़े कि उनके पास हवाई किराए के पैसे नहीं हैं। गुजराल ने बहुत धीरज के साथ जवाब दिया पैसे कौन मांग रहा है। सारा खर्च सरकार उठाएगी। उनका इतना कहना था कि पूरा परिसर भारत मां की जय के नारों से गूंज उठा।

देखते रह गए पाकिस्तान व बांग्लादेश

भारत सरकार ने जहां पहल कर अपने नागरिकों को बाहर निकाला। वहीं पाकिस्तान, बांग्लादेश व श्रीलंका की सरकारों ने अपने नागरिकों को बाहर निकालने का कोई अभियान नहीं चलाया। ऐसे में युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को बाहर निकालने का कार्य करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संस्था की मदद से इन देशों के लोगों को बाहर निकाला गया।

एअर इंडिया ने भी की मदद

साथ ही, वायुसेना की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए एअर इंडिया की मदद मांगी गई। कुवैत व जॉर्डन के बीच सीमा पर साठ किलोमीटर लम्बा नो मेंस लैंड है। ऐसे में सीमा पार करने में ही बहुत समय लग जाता। सही मायने में सितम्बर के पहले सप्ताह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। एअर इंडिया ने 11 अक्टूबर तक 488 उड़ान के माध्यम से एक लाख ग्यारह हजार लोगों को भारत पहुंचाया। इस दौरान शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के तीन जहाज भी वहां के दो बंदरगाह पर पहुंचे। इसके ज़रिए भी दस हजार लोगों को वापस भेजा गया।


एयरलिफ्ट मूवी 22 January 2016 को सिनेमा घरों में रिलीज़ हो रही है जिसमें मुख्य किरदारों में अक्षय कुमार और निमरत कौर शामिल हैं।

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