स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़े जरूरी सवाल जवाब – Question about Smartphone Battery

Share this:
Smartphone Battery Questions in Hindi

दोस्तों, स्मार्टफोन यूजर्स तमाम अच्छे फीचर्स के बावजूद जिस बात को लेकर परेशान रहते हैं, वह है बैटरी लाइफ। स्मार्टफोन्स कई मामलों में अपडेट होते जा रहे हैं, मगर बैटरी हैवी यूज के बाद मुश्किल से ही एक दिन टिक पाती है। कुछ महीनों के इस्तेमाल के बाद यह और भी खराब हो जाती है। सोनी ने 1991 में लीथियम-आयन (Li-Ion) बैटरी बनाना शुरू किया था। तब से लेकर अब तक उसी आधार पर बनी बैटरीज़ इस्तेमाल की जा रही हैं। आगे जानिए, ऐसा क्या किया जाए कि बैटरी लंबे समय तक ठीक रहे। साथ ही पाइए बैटरी को लेकर उठने वाले कुछ और सवालों के जवाब।

स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़े जरूरी सवाल जवाब – Question about Smartphone Battery :
1. क्या आपको पहली बार इस्तेमाल करने से पहले बैटरी चार्ज करनी होती है? – पहले निकल कैडमियम की बैटरीज़ आती थीं, जिनमें मेमरी इफेक्ट होता था। यानी वे पहली बार चार्ज और डिस्चार्ज होने के पैटर्न पर ही आगे भी चलती रहती थीं। इसीलिए पहले ऐसी बैटरी वाले डिवाइसेज़ के साथ लिखा आता था कि पूरी तरह से चार्ज करने के बाद इस्केमाल करें। मगर अब ऐसा करने की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्मार्टफोन को बॉक्स से निकालकर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. क्या बैटरी को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देने से नुकसान होता है? – आमतौर पर इससे कोई नुकसान नहीं होता। कुछ लोग कहते हैं कि रातभर चार्जिंग पर छोड़ देने से बैटरी को नुकसान हो सकता है, क्योंकि इसे जरूरत से ज्यादा पावर मिलती है। मगर ज्यादातर मॉडर्न बैटरी सिस्टम उतनी ही एनर्जी लेते हैं, जितनी उन्हें चाहिए होती है। इसका एक अपवाद है। बहुत ज्यादा गर्मी नहीं होनी चाहिए। गर्मी की वजह से लीथियम-आयन बैटरीज़ खराब हो जाती हैं और उनका प्रदर्शन भी प्रभावित होता है। फोन चार्ज करने से ये आमतौर पर गर्म नहीं होतीं, मगर बाहर का तापमान अगर 30 डिग्री से ज्यादा हो तो नुकसान हो सकता है। इसलिए चार्ज करते वक्त फोन को ठंडी जगह पर रखें। धूप में रखकर चार्ज न करें।

3. क्या पुरानी होने पर बैटरी लाइफ कम हो जाती है? – बिल्कुल। बैटरी वक्त के साथ कमजोर हो जाती है। लीथियम-आयन बैटरीज़ कुछ साइकल्स के लिए बनाई जाती है। एक साइकल को एक बैटरी के पूरी तरह से खत्म होने के बराबर माना जाता है, मगर इसका मतलब एक ही बार में चार्ज किए जाने के बाद नहीं है। हर कंपनी इसे अलग-अलग रूप से परिभाषित करना है।

स्मार्टफोन कंपनी ऐपल के मुताबिक, मान लीजिए कि एक दिन आपकी बैटरी 60 फीसदी खर्च हुई और आपने उसे फिर से चार्ज कर दिया। अगले दिन आपने 40 फीसदी बैटरी खर्च की। इसका मतलब हुआ कि आपने (60+40) 100 फीसदी बैटरी खर्च कर दी। यह एक साइकल के बराबर हुआ। अमूमन 300 से 500 साइकल्स के बाद बैटरी ऑरिजनल कैपैसिटी 70 पर्सेंट रह जाती है।

4. क्या बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज होने के बाद चार्ज करना चाहिए या बार-बार चार्ज करना चाहिए? – मॉडर्न लीथियम-आयन बैटरीज़ को थोड़ा सा डिस्चार्ज होने पर चार्ज कर दिया जाए तो बैटरी लाइफ बढ़ जाती है।

उदाहरण के लिए अगर बैटरी 50 पर्सेंट डिस्चार्ज होने के बाद चार्ज की जाती है तो ऐसा कुल क्षमता 70 फीसदी रह जाने तक 1,200 से 1,500 बार हो सकता है (यानी 600 से750 साइकल तक टिकेगी)। वहीं आप पूरी बैटरी खत्म होने के बाद इसे चार्ज करते हैं तो ऐसा 600 से 750 बार ही हो पाएगा (यानी बैटरी क्षमता घटकर 70 फीसदी बचने वाले बैटरी साइकल खत्म हो जाएंगे)।

5. क्या वाई-फाई और ब्लूटूथ ऑफ रखने या एयरप्लेन मोड से बैटरी बचती है? – वाई-फाई और ब्लूटूथ से ज्यादा बैटरी खत्म नहीं होती। उन्हें ऑन रखने से खास फर्क नहीं पड़ता, मगर आप बंद रखना चाहते हैं तो बंद रख सकते हैं। सबसे ज्यादा बैटरी खर्च होती है कम सिगनल वाली जगहों पर। जहां पर नेटवर्क न हो, वहां पर मोबाइल का सेल्यूलर रेडियो सिग्नल ढूंढने में ज्यादा बैटरी खर्च करता है। अगर आपको मोबाइल सिग्नल नहीं चाहिए तो आप एयरप्लेन मोड पर डाल सकते हैं। बेहतर होगा कि आप वाई-फाई इस्तेमाल करें। 4जी या 3जी पर वाई-फाई के मुकाबले कहीं ज्यादा बैटरी खर्च होती है।

6. क्या फोन को चार्ज करते हुए इस्तेमाल किया जा सकता है? – बिल्कुल। अगर आप अपने डिवाइस के साथ आए चार्जर के अलावा कोई और चार्जर इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो चिंता की कोई बात नहीं। लोग सोचते हैं कि चार्ज करते वक्त फोन इस्तेमाल करने से या फोन फट जाएगा या फिर बिजली का झटका लग जाएगा।

Share this:

Leave a Reply