Google CEO सुंदर पिचाई की प्रेरणादायक कहानी – Google CEO Sundar Pichai Story

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Sundar Pichai Story Hindi

दोस्तों, Google को तो सब जानते ही है आज हम उसके CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) के बारे में जानेंगे। वही सुंदर पिचाई जिसे गुगल ने अपने सभी fore front product का इंचार्ज बनाया था जिसमे YouTube को छोड़कर गुगल के सभी बड़े Product शामिल थे। तब वो गुगल के co-founder लैरी पेज (Larry Page) के बाद कंपनी में दुसरे नंबर के ताकतवर अधिकारी बन गये थे। लेकिन वो यहाँ पर नहीं रुके उन्होंने कोशिश जारी रखी, वो इसलिये की उनका यह विश्वास था जल्द ही उनके काबिलियत को देखते हुये कभी भी उनकी नियुक्ती Google CEO के रूप में हो सकती है और आज उनकी वो कोशिश कामयाब रही आज वह दिन सबके सामने है। एक भारतीय व्यक्ति का यहाँ तक पहुचना निश्चित ही सभी भारतीयों के लिये गर्व की बात है। लेकिन यहाँ तक पहुचना इतना आसान नहीं था। तो आईये जाने की सुंदर पिचाई ने ये रास्ता कैसे पार किया।

सुंदर पिचाई का असली नाम सुंदराजन है। उनका जन्म 12 जुलाई 1972 को चेन्नई में हुआ। उनके पिता रघुनाथ पिचाई एक इलेक्ट्रिकल इंजिनियर थे और वर्तमान में उनकी इलेक्ट्रिकल कॉम्पोनेंट की फैक्ट्री है। सुंदराजन (सुंदर पिचाई) प्रारंभ से ही पढाई में होशियार थे। और उन्हें क्रिकेट में काफी रूचि थी इसलिये उनके माँ-बाप को अंदाजा हो गया की उनका बेटा उनका नाम रोशन करेंगा, उन्होंने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करके स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से विज्ञान विषय में PHD कम्प्लीट की। लेकिन पिचाई को शुरू से MBA करना था, इसलिये उन्होंने Pennsylvania University से MBA की डिग्री प्राप्त की।

उन्हें गुगल ज्वाईन करने से पहले हायर स्टडी के लिये बहुत ऑफर मिले साथ ही कई बड़ी कम्पनियों के ऑफर भी आये जिसमे स्टेनफोर्ड में इंजिनियर, एप्लाइड में मॅनेजर, सिलिकॉन वैली में सेमीकंडक्टर मेकर, लेकिन उन्होंने उन सभी ऑफर को ठुकरा दिया। शायद इसकी यही वजह होगी की वो जॉब करके अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहते थे। पढ़ाई के बाद सन 2004 में सर्च टुलबार (Search Toolbar) के टीम के मेम्बर के रूप में गुगल ज्वाईन किया। पिचाई की कार्य करने की शैली से गुगल के अधिकारी बहुत प्रभावित हुए और उन्ही के सुझाव पर गुगल ने अपना खुद का ब्राउजर लाने का निर्णय लिया और गुगल क्रोम ब्राउजर (Google Chrome Browser) दुनिया के सामने आया। इस परियोजना में पिचाई ने महत्त्वपूर्ण रोल निभाया। उनके निर्देशन में ही गुगल क्रोम की शुरुवात हो सकी। इसके साथ ही 2013 में अपना उत्कृष्ट योगदान देकर गुगल की एंड्राएड (Android) परियोजना की कमान संभाली।

पिचाई की योग्यता को देखते हुये गुगल के को-फाउंडर (co-founder) लैरी पेज ने उन्हें गुगल के सभी बड़े प्रोडक्ट का इंचार्ज बना दिया जिसमे Google Search, Google Maps, Google Plus, Google Commerce, Google Advertisement जैसे क्षेत्र शामील थे। पिचाई इन कार्यों को सफलतापुर्वक पुरे करके आज गुगल के CEO जैसे सर्वोच्च पद पर पहुंच गये है और इसके साथ ही पिचाई भारत के उन लोगों में शामिल हो गये है जो 400 अरब डॉलर कारोबार करने वाली अंतराष्ट्रीय कम्पनियों के शीर्ष अधिकारी हैं,  जिसमे सत्य नडेला (Satya Nadella), मास्टर कार्ड के अजय बंगा (Ajay Banga) जैसे अनेक नाम पहले से शामिल है। निश्चित ही आज सुंदर पिचाई भारत वासियों के लिये एक रोल मॉडल है और ये आने वाले दिनों में युवाओं के लिए वो प्रेरणा का काम करते रहेंगे।

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