मानव मस्तिष्क के बारे में 10 अविश्वसनीय तथ्य – Incredible Facts about Human Brain

Share this:
Facts about Human Brain Hindi
मानव मस्तिष्क के बारे में 10 अविश्वसनीय तथ्य – Facts about Human Brain :

1. दिमाग ही सर्वोपरी है – अधिकांश लोगों को पता है कि हमारे शरीर का सबसे जरूरी हिस्सा हमारा मस्तिष्क है । यह सोचना, हमारी भावनाओं को व्यक्त करना, हमारी महसूस करने की क्षमता, यहाँ तक की हमारी अच्छी तरह से साँस लेने की क्षमता के लिए भी जिम्मेदार है। मस्तिष्क हमें स्वयं और हमारे व्यक्तित्व के बारे में हमारी समझ को विकसित करने में मदद करता है।
2. मस्तिष्क भविष्य की भविष्यवाणी कर सकते हैं – हमारे दिमाग में एक “मिडब्रेन डोपामाइन सिस्टम” (एमडीएस) होता है, जो घटने वाली घटनाओं के बारे में मस्तिष्क को संकेत भेजता है | हो सकता की हम इसे ही अंतर्ज्ञान अथवा भविष्य के पूर्वानुमान कहते है | जिस व्यक्ति के दिमाग में यह सिस्टम जितना ज्यादा विकसित होता है वह उतनी ही सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।

3. किशोरों का दिमाग पूरी तरह से सक्रीय नहीं होता –
लोकप्रिय धारणा है की पांच साल की उम्र तक मस्तिष्क पूरी तरह से विकसित हो जाता है जबकि इसके विपरीत बच्चो के अपनी किशोरावस्था में प्रवेश के दौरान भी उनके दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं होते है । मस्तिष्क के ग्रे मैटर यौवन और विकास के अलावा निर्णय लेने की क्षमता के लिए भी जिम्मेदार होते है | हालांकि, अधिकतर काम के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के कुछ हिस्से 17 साल की उम्र तक परिपक्व नहीं होते है, लेकिन केवल दूसरों के साथ अनुभव से सीखते हैं और बड़ते है ।

4. मस्तिष्क निद्रा का दौरान अधिक सक्रिय होता है – कहा जाता है एक अच्छी नींद एक इंसान के लिए जरूरी है । लेकिन कोई भी इसके पीछे का मुख्य कारण नहीं जानता है। दिन के दौरान, हमारे दिमाग ऐसी बहुत सी गतिविधियाँ करता है जिन्हें याद किए जाने की जरूरत होती है, लेकिन एक अच्छी नींद हमारी यादों को स्थिर करने में मदद करती है ।

5. पुरुष महिलाओं की तुलना में मस्तिष्क के 10% से अधिक का भाग का उपयोग करते है – आप लोग इसे गलत अर्थो में न ले यह सिर्फ एक वैज्ञानिक तथ्य है । महिलाओं का दिमाग पुरुष दिमाग की तुलना में छोटा माना जाता है, लेकिन तंत्रिका कोशिकाओं और मस्तिष्क के कोर्टेक्स महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक होशियार और अधिक कुशलता से काम करने के लिए क्षमता देते है | महिलाओं में सोचने, भावनात्मक, पहचानने की क्षमता पुरुषो से अधिक होती है, लेकिन तर्कसंगत सोचने की क्षमता एक पुरुष मस्तिष्क का प्रमुख कार्य है। पुरुष, महिलाओं की तुलना में अधिक गतिविधियों का प्रदर्शन कर सकते हैं। पुरुष ज्यादातर मस्तिष्क की बाईं ओर का उपयोग करते है ।

6. मस्तिष्क, शरीर की अधिकतम ऊर्जा का उपयोग करता है – मानव मस्तिष्क, शरीर द्वारा उत्पादित ऊर्जा का करीब 20% उपयोग करता है । मष्तिष्क इस ऊर्जा का प्रयोग याद भावना, केंद्रीय तंत्रिका-तंत्र का प्रबंधन, महसूस करने के लिए प्रयोग करता है ।

7. अलग अलग लोगों के मस्तिष्क का आकार अलग-अलग होता है – बड़ा सिर के लोगों का बड़ा दिमाग और बुद्धि छोटे सिर के लोगो की अपेक्षा उन्हें और अधिक बुद्धिमान और चालाक बनाती है। आइंस्टीन का मस्तिष्क न्यूरॉन्स की उच्च अनुपात के कारण अन्य वैज्ञानिकों से अलग था।

8. मस्तिष्क को कोई भी दर्द महसूस नही होता – हमे कुछ भी चोट लगने अथवा शरीर में कुछ परशानी होने पर दर्द के रूप में मष्तिष्क हमे चेतावनी देता है लेकिन मष्तिष्क का कोई दर्द महसूस कराने का सिस्टम अभी तक नहीं है | परन्तु मष्तिष्क के चारो और कोइशिकाओ के माध्यम से हमे मस्तिष्क के दर्द का अनुभव होता है।

9. मस्तिष्क में 100 अरब न्यूरॉन्स होते हैं – न्यूरॉन्स बिजली और रासायनिक संकेतों के माध्यम से अन्य तंत्रिका कोशिकाओं या मांसपेशियों को सूचना के भेजते है | यदि सभी न्यूरॉन्स एक साथ बिजली उत्पन्न करे तो वह इतनी बिजली राशि उत्पन्न करते है ही एक बल्ब जलाया जा सकता है । यह 150 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से मस्तिष्क को जानकारी भेज सकते हैं।

10. हर बार जब हम कुछ सीखते है नई मस्तिष्क झुर्रियां विकसित होती है – मस्तिष्क में गहरी दरारें, और छोटे खांचे होते है जिनकी सतह पर न्यूरॉन्स होते हैं और जब भी हम कुछ सीखते है हमारे मष्तिष्क में एक नयी सलवट पड़ जाती है इस वजह से हम ज्यादा सीख पाते है और याद रख पाते है।

Share this:

Leave a Reply