मृत्यु का प्रोग्राम – The Program Of Death

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How do we die

दोस्तों, “मृत्यु” जीवन का शाश्वत सत्य है, पर किसी दुर्घटना में जान गँवा देना या किसी के द्वारा मारा जाना समझ आता है। आज हम बात कर रहे हैं – “वृद्ध हो के स्वयं मरने की”। ऐसा क्या है जिसकी वजह से लोग बूढ़े होने लगते है और अंत में सुबह पता चलता है कि “शरीर तो है, पर वो अब नहीं रहे”

आखिर, ये मृत्यु का प्रोग्राम (The Program Of Death) काम कैसे करता है?

“कोशिका” यानी Cell, इन्सान के शरीर की सबसे छोटी इकाई है और हर कोशिका के केन्द्रक यानी nucleus में हमारे शरीर का blue print “DNA” पाया जाता है। आपके शरीर की लम्बाई चौड़ाई, रंग, आदते और छोटी से छोटी चीज का निर्धारण, आपका DNA करता है।

DNA में लगभग तीन अरब तक nucleotide पाए जाते है। ये nucleotide 4 प्रकार के होते हैं –

A – Adenine – एडिनिन
G – Guanine – ग्वानिन
C – Cytosine – साईटोसिन
T – Thymine – थायमिन

Basically DNA, इसी AGCT भाषा में लिखा हुआ लगभग तीन अरब अक्षरों का program होता है। जैसे- ACGTGCATGCAGCATGCA….. AND SO ON

ये program “आपको” describe करता है। प्रकृति में सभी सजीव और वनस्पति इस ACGT की भाषा को बोलते हैं। आपका DNA दुनिया के हर व्यक्ति से 99.9% और Chimpanzee से 96% मिलता है।
और अपने कमरे की table पर fruit basket में रखा “केला” अर्थात banana दिख रहा है? Well, your DNA is 50% identical to bananas too 🙂

हमारी body cells यानि शरीर की कोशिकाएं अपनी copy तैयार करती हैं। पुरानी कोशिकाएं मरती जाती है और नयी कोशिकाएं जन्म लेती है। शरीर की स्वस्थता और “Automatic Healing System” का यही राज है। हर बार, जब आपकी कोशिकाएं अपनी कॉपी तैयार करती है तो कोशिका में मौजूद DNA भी copy होता है। DNA damage से protection के लिए DNA के दोनों सिरों पर Dead DNA के कैप्स लगे होते है जिन्हें “Telomeres”  – “टेलोमेर” कहते हैं।

What is Telemore in DNA

कोशिका के विभाजन के साथ साथ हर बार “telomere” यानी टेलोमेर छोटा होता चला जाता है और एक समय ऐसा आता है जब टेलोमेर ख़तम हो जाता है। Its no longer there to function 🙁

और तब कोशिकाओं का विभाजन रुक जाता है, As A Result पुरानी कोशिकाएं मरने लगती है और नयी कोशिकाएं का बनना बंद हो जाता है। आप बुढ़ापे को प्राप्त होने लगते हैं और आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे धीरे समाप्त होने लगती है, अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते हैं और एक दिन… Finally….You Are Dead…!

दोस्तों, ये Telomere ही आपके मृत्यु के प्रोग्राम की मुख्य चाबी है, scientists इस पर कार्य कर रहे है की किस तरह इन टेलोमेर की लम्बाई बढाई जा सके लेकिन अभी तक कुछ सफलता नहीं मिली है।

दोस्तों, ये टेलोमेर कितने लम्बे होगे इसका निर्धारण आपके माँ-बाप से होता है, आपके जन्म के साथ ही इन टेलोमेर की लम्बाई निश्चित हो जाती है और दुनिया में आते ही टेलोमेर रुपी आपकी ये bilological death clock शुरू हो जाती है।  In A Way, Your death clock is hidden within your DNA. Means, Once you are born, You Are Also Programmed To Die !!! पढ़ने और समझने के लिए आप सभी का धन्यवाद !

साभार : फेसबुक लेखक श्री विजय सिंह ठकुराय

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