आइंस्टीन का सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत – Einstein’s General Relativity Theory

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दोस्तों, महान वैज्ञानिक Einstein के बारे में कौन नहीं जानता, उन्होनें ही हमें सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत (General Relativity Theory) के बारे में बताया था, आइये इससे जुड़े कुछ interesting facts के बारे में जानते हैं:

1) सापेक्षता के सिद्धांत की मदद से Einstein ने यह अनुमान लगाया था की ब्रह्माण्ड के बढ़ने या विस्तार करने का कोई निश्चित दर नहीं है, ब्रह्माण्ड की सभी चीज़े एकदूसरे के सापेक्ष बढ़ रही हैं मतलब की एक दूसरे से सापेक्ष मात्र में दूर जा रही है, इसलिए इसे सामान्य सापेक्षता का सिध्धांत कहाँ जाता है।

2) समय हर किसी के लिए एक ही दर पर नहीं चलता (बीतता) हैं। तेजी से चल रहा (तेजी से मूवमेंट कर रहा) एक पर्यवेक्षक किसी स्थिर पर्यवेक्षक के मुकाबले समय को थोडा धीरे से बीतता हुआ महसूस करेंगा, इस घटना को समय का फैलाव (time dilation) कहा जाता है। उदहारण के लिए आप अपने हाथ की घडी को हिलाएँगे तो देखेंगे की तब उसका सेकंड कांटा एक सेकंड बिताने में थोडा ज्यादा वक़्त लेता है, इससे हम कह सकते हैं की मूवमेंट करती हुई घडी स्थिर घड़ी के मुकाबले अधिक धीरे से चलती है। 

3) एक तेजी से चल रही वस्तु उसकी गति की दिशा में किसी धीरे से चल रही वस्तु के सापेक्ष में थोड़ी छोटी दिखाई देती है, वैसे यह असर काफी सूक्ष्म होता है। जब तक वस्तु गति प्रकाश की गति के करीब नहीं पहुंचती तब तक यह घटना दिखाई नहीं देती।

4) द्रव्यमान और ऊर्जा एक ही चीज़ के विभिन्न अभिव्यक्तियाँ है, आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण E = mc2, का मतलब कुछ इस तरह हैं, जहाँ E = ऊर्जा, m = द्रव्यमान और c = प्रकाश की गति। यहीं चीज़ ही एक परमाणु विस्फोट से निकलती हुई ऊर्जा की एक बड़ी राशि की रिहाई के लिए खुद को सक्षम बनाती है।

5) E = mc2 के एक परिणाम स्वरुप, एक तेजी से चलती हुई चीज़ का वजन धीमी गति से चलती हुई वस्तु के सापेक्ष में ज्यादा मालूम पड़ता है, यह इसलिए क्योंकि, वस्तु की गति बढ़ने के साथ ही उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है और इसलिए उसका वजन भी बढ़ जाता हैं (मास = ऊर्जा)

6) आइंस्टीन कहते थे की वजन में वृध्धि ही एक कारण हैं, की पदार्थ प्रकाश की गति से ज्यादा तेजी से गति नहीं कर सकता। अगर किसी चीज़ का वजन उसकी गति से साथ बढ़ता ही जाता हैं तो प्रकाश की गति तक पहोंचने पर वह अनंत हो जाएगा, और अनंत वजन को स्थानांतरित करने के लिए अनंत ऊर्जा की आवश्यकता होती है. इसलिए यह असंभव है। 

7) अंतरिक्ष और समय, एक सातत्य का हिस्सा हैं जिसे space-time कहाँ जाता है। आइंस्टीन के गणित के मुताबिक अंतरिक्ष के तीन आयाम है, और चौथा आयाम समय है। हाल के सिद्धांतों के अनुमान के मुताबिक अतिरिक्त आयाम हम अनुभव नहीं करते है। Space-time को हम fabric के एक grid के स्वरुप में सोच सकते है, बड़े पैमाने पर मास की उपस्थिति space-time को विकृत करती हैं. इसलिए रबड़ शीट मॉडल एक लोकप्रिय उदहारण है.

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