जांबाज मेजर कार्डोजो – Major Cardozo Story in Hindi

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Major Cardozo Hindi

दोस्तों और मेरे आदरणीय पाठकों, आज की ये post भारत के वीर सपूतों में से एक Major Cardozo (मेजर कार्डोजो) के बारे में है। दोस्तों, Major Cardozo 1971 के भारत और पाकिस्तान युद्ध के अमर heroes में से एक हैं। Indian Army के इस जांबाज मेजर ने बांग्लादेश के सिलहट की लड़ाई में पाकिस्तानी सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए थे। 1971 युद्ध में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ते हुए उनका एक पैर landmine blast में बुरी तरह जख्मी हो गया था, इलाज समय पर नहीं मिला तो उन्होंने हिम्मत दिखाई और खुखरी (नेपाली चाकू) से खुद अपना पैर काटकर शरीर से अलग कर दिया था। Gurkha Regiment के Major Cardozo ने लड़ाई में अपना पैर गंवाने के बाद भी जीवन में कभी हार
नहीं मानी। Major Cardozo, Indian Army के पहले disable officer बने, जिन्होंने एक battalion को command किया। सरकार ने पाक युद्ध में बहादुरी के लिए उन्हें सेना मेडल से नवाजा था।

युद्ध में जख्मी Major Cardozo ने खुद काट लिया था अपना पैर : एक interview में उन्होंने बताया था कि surrender करने के बाद भी BSF (Border Security Force) के एक Platoon Commander को शक था कि पाकिस्तानी खतरा अभी भी बरकरार है। इसी दौरान बारूदी सुरंग में ब्लास्ट हुआ और मेरा एक पैर उड़ गया। मेरे साथी मुझे उठाकर ले गए, लेकिन मॉरफिन और कोई दर्द निवारक दवा नहीं मिली। मैंने अपने गोरखा साथी से बोला कि खुखरी लाकर पैर काट दो, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हुआ। फिर मैंने खुखरी मांगकर ख़ुद अपना पैर काट लिया। हमने उस कटे पैर को वहीं जमीन में
गाड़ दिया था

1971 पाक युद्ध में Major Cardozo की एक आंखो देखी घटना : Major Cardozo ने बताया, ‘जब हमारी Gurkha Regiment हेलिकॉप्टर से Bangladesh
पहुंची तो वहां भारी गोलाबारी चल रही थी। Mortar से गोले दागे जा रहे
थे, भारत और पाकिस्तानी सेना में भीषण लड़ाई छिड़ी हुई थी। युद्ध में
काफी जवान घायल हो रहे थे और मारे भी जा रहे थे। MI Room पर गोलीबारी हुई
और हमारे 8 जवान शहीद गए। हमें बताया गया कि 48 घंटे में बड़ी platoon आ
जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं नहीं हुआ और हमने 10 दिन तक लड़ाई लड़ी। हमारे पास खाने-पीने का सामान ख़त्म हो रहा था और गोला-बारूद भी कम हो रहा था। इस बीच पाकिस्तानी सरकार को ये message दिया गया कि उनके सैनिक घिरे हुए हैं, आप लोग हथियार डाल दें।
इसके बाद करीब एक हज़ार पाकिस्तानी सैनिक 4-5 सफेद झंडों के साथ हथियार
डालने हमारे Forward Company के Commander के पास पहुंचे थे।

भारत माता के ऐसे वीर सपूत को शत शत नमन।

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