योगा क्या है ? – An Introduction to Yoga

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दोस्तों और मेरे आदरणीय पाठकों, आज की तेज रफ्तार जि़न्दगी में खुद को स्वस्थ और उर्जावान बनाए रखना बेहद आवश्यक है. योगा हर किसी की जरूरत है. कामकाजी लोग अपने दफ्तर में भी कुछ देर योगा करके अत्यधिक काम के दबाव के बावजूद भी खुद को तरोताजा महसूस कर सकते हैं

आज की तेज रफ्तार जि़न्दगी में खुद को स्वस्थ और उर्जावान बनाए रखना बेहद आवश्यक है. इस तथ्य को लोग अच्छी तरह समझने लगे हैं यही कारण है कि व्यायाम और योगा के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है. योगा को और भी करीब से समझ सके और जान सकें इसके लिए आइये योगा के विषय में बात करते हैं.

योगा क्या है -What is Yoga?

योगा की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई है जिसका अर्थ जोड़ना है. योगा शब्द योगा की क्रियाओं से स्पष्ट होता है. योगा में यौगिक क्रियाओं द्वारा शरीर, मन और आत्मा के बीच संयोगा स्थापित होता है जिससे आत्मिक संतोष प्राप्त होता है. प्राचीन मान्यता है कि स्वस्थ शरीर में ही ईश्वर बसता है. शरीर बीमार होगा तो आप अपने बारे में ही सोचेंगे अपने स्वास्थ्य के ऊपर ही केन्द्रित रहेंगे. ऋषियों ने शरीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर ही योगा का जन्म दिया.

योगा का जन्म – History of Yoga

पुरातत्ववेत्ताओं ने जो साक्ष्य प्राप्त किये हैं उनसे पता चलता है कि योगा की उत्पत्ति 5000 ई. पू. में हुई होगी. गुरू शिष्य परम्परा के द्वारा योगा का ज्ञान परम्परागत तौर पर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिलता रहा. लगभग 200 ई0 पू. पू. में महर्षि पतंजलि ने योगा को लिखित रूप में संग्रहित किया और योगा-सूत्र की रचना की. योगा-सूत्र की रचना के कारण पतंजलि को योगा का पिता कहा जाता है.

योगा किसके लिए – Yoga for Whom

योगा किसी भी उम्र के स्वस्थ स्त्री पुरूष कर सकते हैं. स्वास्थ्य सम्बनधी परेशानियों में भी योगा किया जा सकता है लेकिन इसमें कुछ सावधानायों का ख्याल रखना होता है. जो व्यक्ति शरीर को बहुत अधिक घुमा फिरा नहीं सकते हें वह भी कुर्सी पर आराम से बैठकर योगा कर सकते हैं. योगा हर किसी की जरूरत है. कामकाजी लोग अपने दफ्तर में भी कुछ देर योगा करके अत्यधिक काम के दबाव के बावजूद भी खुद को तरोताजा महसूस कर सकते हैं. शारीरिक कार्य करने वाले जैस खिलाड़ी, एथलिट्स, नर्तक अपने शरीर को मजबूत, उर्जावान और लचीला बनाए रखने के लिए योगा कर सकते हैं. छात्र मन की एकाग्रता और ध्यान के लिए योगा कर सकते हैं।

योगा के प्रकार – Types of Yoga

योगा के कई प्रकार हैं जिनमें कुछ प्रमुख योगा के प्रकार हैं- हठयोगा, कर्मयोगा, राजयोगा, मंत्रयोगा, तंत्र योगा. यहां आगे हम सिर्फ हठयोगा के बारे में लिखेंगे.

योगा आवश्यक क्यों है ?– Why yoga is necessary?

योगा हमारे लिए हर तरह से आवश्यक है. यह हमारे शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है. योगा का उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन अर्थात योगा बनाना है. योगा के उद्देश्य को पूरा करने के लिए मुद्रा, ध्यान और श्वसन सम्बन्धी अभ्यास की आवश्यकता होती है. योगा की क्रियाओं में जब तन, मन और आत्मा के बीच योगा बनता है तब आत्मिक संतुष्टि, शांति और चेतना का अनुभव होता है. इसके अतरिक्त योगा शारीरिक और मानसिक रूप से भी फायदेमंद है. योगा शरीर को शक्तिशाली एवं लचीला बनाए रखता है साथ ही तनाव से भी छुटकारा दिलाता है जो रोजमर्रा की जि़न्दगी के लिए आवश्यक है. योगा से शरीर में रोग प्रतिरोधी क्षमता का विकास होता है. योगा करने वाले वृद्धावस्था में भी चुस्त दुरूस्त रहते हैं. आयु के संदर्भ में भी योगा लाभप्रद है.

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One Response

  1. June 19, 2015

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