प्यार क्या है? – What is Love?

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दोस्तों और मेरे आदरणीय पाठकों। प्यार शब्द वह चीज है जिसे हर इंसान देना और पाना चाहता है ,मगर प्यार शब्द सुनते ही हर एक के दिल में सबसे पहले स्त्री या पुरुष के प्रेम सम्बन्ध ही नजर आता है ,जबकि यह जानते हुए भी की स्त्री और पुरुष के प्यार के अलावा और भी रिश्ते नाते का प्यार होता है, लेकिन आज के दौर में प्यार शब्द बस लड़का लड़की के प्रेम की पहचान बन चूका है। तो चलिए,आज हम इसी बात को लेकर लड़का-लड़की की प्रेम कहानी और चाहत की बात करते हैं.

    
दोस्तों, एक जमाना था जब प्यार में मर कर लोग अपना नाम अमर कर गए हैं और जिसे आज हर कोई जानता है. हीर रांझा, सोहनी महिवाल ,शाहजहाँ सच्चे प्यार की परिभाषा इन्ही नामो से दिया जाता है। सच्चा प्यार ये लोग कर के गए जो अपने प्यार को पाने के लिए मर चुके, परन्तु आज के ज़माने में प्यार दिल से हट कर दिमाग पर आ चूका है। प्यार के लिए शर्त रखा जाने लगा है जैसे की वह दिखने में सबसे सुन्दर हो, उनके पास पैसा हो इत्यादि इत्यादि और बस ये दो चीज भी हों तो प्यार किया जा सकता है ,चाहे उनका nature जैसा भी हो उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता. आज अधिकतर लोग सुंदरता को देख कर प्यार करने लगते हैं। ऐसे लोग सोचते हैं की मेरा प्रेमी सबसे अलग दिखे, जिसे देख के सभी पसंद करे। चाहे प्यार करने वाला सुन्दर दिखे न दिखे पर वो जिस से प्यार करे वह सबसे सुन्दर हो।

सच्चा प्यार वो प्यार है जिसे पाने की चाहत हर लड़का और लड़की करता है की काश उनका प्रेमी उसे सच्चा प्यार दे, उनके नजरों में केवल उनका ही रूप नजर आये और उनके लिए कुछ भी करने को तैयार हो, पर एक बात और है जिसे हर कोई सोचता है की मेरा प्रेमी मेरी सुंदरता से नहीं मेरे हर एक चीज से प्यार करे, क्योंकी कोई नहीं चाहेगा की उनका चाहने वाला इसलिए उसे प्यार करता है की वह एक सुन्दर लड़की है या Handsome लड़का है, क्यों की यदि सुंदरता के वजह से उसे प्यार करता है तो ये प्यार नहीं केवल वासना और स्वार्थ को दर्शाता है। यदि उनकी सुंदरता चली जाये ,जो की एक सच्चाई है की कभी न कभी उनका उम्र के साथ चेहरे में झुर्री आ जाये या उनका वजन बढ़ जाये , तो इस स्थिति में उनके प्रेमी-प्रेमिका का चाहत उनके प्रति कम होने लगेगा और फिर पहले जैसा उसे प्यार नहीं मिल पायेगा इस वजह से प्यार भरा जीवन में दरार आने लगता है। यही वजह है की हर कोई यही चाहेगा की उन्हें जो भी प्यार करे उनकी सुंदरत से नहीं उनके हर एक आदत व उनके कमियों से भी प्यार करे।

आज हर लड़का – लड़की प्यार में पटी क्या? प्यार के राग अलाप गाने लगते हैं की मैं आप से सच्चा प्यार करता हूँ (जैसे उनके लिए जान भी दे देगा) । यही बात लड़कियों पर भी लागु होता है। सच्चा प्यार को आज मजाक का शब्द बना लिए है जैसे I love you कहना एक प्यार का formula बना गया है वैसे ही सच्चा प्यार कह के ये दिखावा किया जाता है मानो वही उनके लिए सब कुछ है ,सच्चा प्यार का मतलब चाहे जो हो उन्हें तो बस उनको ये शब्द कह के विश्वास दिलाना होता है और जब प्यार धीरे धीरे कम हो जाता है तब पता चलता है की सच्चा प्यार था की केवल प्यार !

क्या वास्तव में प्यार है ? या फिर बाहरी सुंदरता का असर है ? या फिर आज के दौर में प्यार करने का fashion ? आज यही हो रहा है। आज के लड़के लड़कियों के मन में प्यार होता नहीं , कराया जाता है। TV ,Film के जरिये यह देखा जाता है की हर लड़का लड़की का एक आशिक होता है और school और college में हर एक के पास girl friend या boy friend है।  यही वजह है की जिनके पास नहीं होता वह अपने को दूसरे से कम समझता है और उनसे जलन होने लगता है। इसलिए वह भी कोई ऐसी-वैसी लड़का या लड़की को खोज लेता है जो खाली हो और उनसे ही प्यार का खेल खेलकर अपने को और दूसरे को धोखा देता है और इस प्यार का सबसे बड़ा जड़ Mobile और Internet है ,लोग के पास अब Mobile Phone है पर यदि कोई बात करने वाला नहीं हो तो किस से वह बात करेगा ? क्या परिवार के लोगो से ? या भाई बहन से ?ज्यादा से ज्यादा आधा घंटा अपने दोस्तों से पर दिन भर किसे sms और कॉल, मिस कॉल करे ? कोई तो हो जिस से Mobile का फ़ायदा उठाया जाये .क्योकि Mobile है तो पैसा है, पैसा है तो boyfriend या girlfriend हो और यही सब आवश्यकता प्यार को उत्पन्न करता है .जिसे आज के युवा सच्चा प्यार कहकर घंटो बतियाते रहते हैं। पर इन सब प्यार का उद्देस्य केवल Time Pass करना ,प्यार की प्रतियोगिता को पूरा करना ,और कभी कभी केवल सेक्स की भूख मिटाने  से होता है जो एक झटके में आग की तरह जलता है और बुझ जाता है। आज कल केवल मतलब के लिए प्यार होता है, आज के प्यार में प्यार कम स्वार्थ अधिक होता है और इस तरह का प्यार केवल चार दिनों का होता है ,जब प्यार का बुखार उतर जाये तब पता चलता है की प्यार क्या चीज है और ये सब प्यार का क्या अंजाम होता है इसे कहने की जरुरत नहीं. कुछ महीने या सालो बाद break up फिर कोई दूसरी। क्या यही सच्चा प्यार है ?

वैसे मेरे हिसाब से बिना स्वार्थ के प्यार ही सच्चा प्यार है । यदि प्यार के बदले प्यार मांगे तो यह एक तरह का लेनदेन हुआ जो की एक वस्तु के लिए किया जाता है और प्यार कोई वस्तु नहीं जिसे ख़रीदा या बेचा जा सके यह तो दिल से उत्पन्न होना चाहिए । प्यार तो दो दिलों का मेल होता है जिसे किया नहीं जाता हो जाता है । सच्चा प्यार में वासना नहीं इज्जत की भावना होती है .मन में उनके प्रति गलत विचार नहीं आते , बस उनसे मीठी-मीठी बाते करते रहने को दिल करता है ,आँखों के सामने बस उनका चेहरा नजर आये .उनकी याद हर सांसो में समायी हो । हर पल केवल उनकी ही याद हो। जब सामने बैठी हो तो बातें कम और केवल उन्हें देखेते रहने को जी चाहे । उनमे यदि कोई बुराई भी हो तो भी उनकी कमी अच्छी लगे । चाँद तारे तोड़ने की बाते करना प्यार नहीं पर चाँद तारे को कैसे हकीकत में उनके कदमो में लाए ये प्यार है। मरने की बात करना आसान है पर उनकी यादो में जिन्दा रहना प्यार है। उनके पास रहकर सब गम भूल जाना प्यार है। यदि आपको प्यार के बदले उनका प्यार न भी मिले तो भी उनकी पूजा करना प्यार है। बस सच्चा प्यार वो है की उनकी हर बुराई व कमी उनकी अच्छाई से अच्छी लगे .सोने से पहले हो या जागने के बाद आंखे खुले तो बस उनका चेहरा देख कर…….क्या यह सच्चा प्यार है ? बताइयेगा ज़रूर 🙂

साभार – एक Facebook मित्र

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One Response

  1. August 26, 2014

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